बहुरिनहिंआवना

शब्द से भीतर की ओर

पढ़ना केवल जानना नहीं है — कभी-कभी पढ़ना अपने भीतर लौटना भी है।

संग्रह

अंक

धीरे-धीरे

देखना, सुनना, समझना
और भीतर लौटना।